UPTET 2026 Latest Update: यूपी में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बार फिर से निराशाजनक खबर सामने आ रही है उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की हाल ही में बैठक हुई। बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर कई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। 29-30 जनवरी को होने वाली इस बैठक में टीईटी आयोजन या स्थगन को लेकर अभ्यर्थी जिस स्पष्टता की उम्मीद कर रहे थे वह पूरी नहीं हो सकी बैठक से पहले कयास लग रहे थे कि टीईटी की तारीखों को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा लेकिन बैठक के बाद भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।
दूसरी बैठक में भी नहीं बनी सहमति
नए साल की पहली और दूसरी बैठक मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी इस बैठक से पहले उम्मीद की जा रही थी कि टीईटी की तारीखों को लेकर कोई बड़ा और ठोस कदम उठाया जाएगा लेकिन बैठक के बाद भी स्थिति जैसी पहले थी वैसी ही बनी हुई है आयोग स्तर पर परीक्षा की आयोजन से जुड़ी कई तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अभी अधूरी बताई जा रही है इसलिए तय समय पर टेट का आयोजन संभव नहीं लग रहा है।
तय समय पर नहीं हो पाएगा टीईटी का आयोजन
आयोग ने परीक्षा नियंत्रक को यह निर्देश दिए हैं कि वह एसओपी तैयार करके अगली बैठक में प्रस्तुत कर दें। ताकि टीईटी समेत और परीक्षाओं की तिथियां पर विचार किया जा सके। इस प्रक्रिया के द्वारा लगभग यह तय माना जा रहा है कि तय समय पर टीईटी का आयोजन संभव नहीं हो सकता और अगली बैठक में इसके स्थगन पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
मानक संचालन प्रक्रिया और समझौता पत्र के परीक्षण पर जोर
आयोग ने यह फैसला लिया है की भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया पहले पूरी तरह से तैयार की जाएगी और इसके साथ ही विभिन्न परीक्षा एजेंसियों के साथ पहले से किए गए समझौता पत्र का भी गहन परीक्षण होगा। आयोग का कहना है कि यदि बिना स्पष्ट एसओपी और बिना जांच परखें एमओयू के परीक्षा आयोजित करने से भविष्य में तकनीकी खामियों और विवाद पैदा होने की संभावना रहेगी।
टीईटी आयोजन में देरी का बड़ा कारण आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया भी टीईटी के आयोजन में देरी का एक बड़ा कारण है क्योंकि समय पर आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। अभी तक टीईटी के लिए ना तो आवेदन मांगे गए हैं और ना ही वह ऑनलाइन पोर्टल तैयार हुआ है जिस पर आवेदन लिए जाने हैं। पोर्टल के तैयार होने के बाद ही विज्ञापन जारी करना, आवेदन लेना, परीक्षा एजेंसी का चयन करना, प्रश्न पत्रों का मॉडरेशन और परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण जैसी प्रक्रियाएं शेष थी जिनमें स्वाभाविक रूप से बहुत समय लगेगा।
टलते फैसलों से अभ्यर्थियों में बेचैनी
अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि लगातार फैसला टल रहा हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवार लंबे समय से टेट का इंतजार कर रहे हैं और परीक्षा तिथि को लेकर अनिश्चित उनके मनोबल पर बहुत बड़ा असर डाल रही है जबकि आयोग का तर्क है कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए परीक्षा में देरी हो रही है।
अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार
वर्तमान स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि आयोग की अगली बैठक में टीईटी को औपचारिक रूप से स्थगित करने या नई संभावित तिथियां पर चर्चा हो सकती है। तब तक अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा और किसी भी अपवाह पर ध्यान न देने की सलाह भी दी गई है। फिलहाल टीईटी को लेकर अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है लेकिन आयोग द्वारा उठाए जा रहे कदम भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुचारू और विवाद मुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

